शुक्रवार, जून 17, 2022

व्यंगकार :- सुधीर श्रीवास्तव..!

हमारे राज्य झारखंड में सरकार की तरफ से नित्य नए अभियान की घोषणा होती है। अब ऐसा नहीं है कि केवल घोषणा होकर रह जाती है।इन अभियानों को धरातल पर उतारने के लिए पूरा सरकारी अमला,नेता,ठेकेदार वगैरह हर तरह से योगदान देने को तत्पर हो जाते हैं।फिर इन अभियानों का नाम भी बड़ा वास्तविक और व्यवहारिक होता है।

'पानी रोको  पौधा रोपो' कितना व्यवहारिक नाम है!जाहिर है कि यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है, पर इसे शहरों में भी सफलतापूर्वक चलाया जा सकता है।पानी रोकिए पौधा रोपिये!इस तरह के अभियानों के लिए ज्यादातर सार्वजनिक भूमि,परती,गली, सड़क बहुत मुफीद होते हैं और शहरों में इनकी कोई कमी नहीं।फिर इस तरह के अभियानों का बिगुल अमूमन बरसात में ही बजता है।यहाँ भी प्रशासन की व्यवहारिक सोच परिलक्षित होती है।बरसात का पानी बरसात के बाद भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहे,इसकी पूरी व्यवस्था रहती है। जनता को पानी रोकने की जरूरत नहीं पड़ती।अब इस पानी में किस तरह के पौधे रोपे जाएँ,इस पर चिंतन की आवश्यकता है।

ऐसी सड़कों पर जहाँ जन सहयोग के बिना भी पानी रुक जाता है,कुछ विपक्षी नेता धान रोपनी का उत्सव मनाते हैं।पर जैसा कि चलन है राजनीतिक दलों के अन्य उत्सवों की भाँति ये उत्सव भी मीडिया और अखबार तक सीमित रह जाते हैं। भरपूर पानी के बावजूद धान के पौधे नष्ट हो जाते हैं।

कुछ दिलजले यह भी प्रश्न करते पाए जाते हैं कि सत्ता में रहते हुए धान रोपनी क्यों नहीं करते?सत्ता से मिलने वाली खाद के असर से रोपनी सफल भी हो सकती है और लहलहाती फसल को देख नेता व अधिकारी वैसे ही गदगद हो सकते हैं जैसे बाबा भारती अपने घोड़े को देख हुआ करते थे।

हमारा जिला साहेबगंज इस प्रकार के सरकारी अभियान को सफल बनाने में झारखंड में सर्वोच्च स्थान रखता है।पहले पानी रोकने की व्यवस्था केवल इंद्र भगवान के भरोसे रहती थी।इधर हाल के दिनों में साहेबगंज के नए सीवरेज सिस्टम ने जहाँ-तहाँ पानी रोक रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।हर मोहल्ले में और सड़क पर पानी रुका हुआ है।अब यह जनता के ऊपर है कि नर्सरी से अपनी पसंद के पौधे लाएँ और रोपें।केवल अधिकार ना खोजें,कुछ कर्तव्य भी निभाएँ। आपके सहयोग से यह अभियान सफल हुआ तो भविष्य में 'पानी रोको मछली पोसो' अभियान की भी शुरुआत हो सकती है।

**********************

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आलेख :- रब नवाज़ आलम نامنگار :- ربنواز عالم

साहिबगंज की बेटी सीमा सिंह को बिहार में मिला गार्गी अचीवर्स अवार्ड..! साहिबगंज :- 15/03/2024. साहिबगंज शहर की बेटी सीमा सिंह को अंतरराष्ट्री...